ई-मधेश न्युज
अखन बाँकी अछि
अशोक दत्त
जनकपुरधाम
अधिकार आ पहिचानक लेल संघर्ष
स्वाभिमान आ सम्मानक लेल संघर्ष,
संघर्ष स्वामित्वक लेल, अग्रगमन लेल
संघर्ष उन्नति प्रगति लेल, न्याय लेल
सामाजिक सद्भाव लेल, कुरीतिक अन्त लेल
से, होइत रहलैए आ हुअको चाही
मुदा, अचरज लगैए
जखन सुनै छी आ
देखबाक लेल बाध्य होइ छी
मंत्रोच्चारण, भूतक आगमन लेल
आ, मौन बैसल कहबैका बुद्धिजीवी ।
चौक–चौराहापर
पानक दोकानक आगा
आकि चाहक दोकान हो
या हो मजलिस मदिरापानक
अबैध क सूनब दार्शनिक गप
एकसें एक भेटत ज्ञाता
आत्ममुग्ध दर्शनशास्त्री
से एहन, जेकर कथनी
आ करनीने, कोनो मेले नइँ
किछ एहने सन अवस्था अछि,
पित्त केकरोपर आ झारब कतौ !
खौझाएल बिलाइ सन
धुर्खर नोचि रहल छथि किछ लोक